अनचिन्हार आखर

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अनचिन्हार आखर मैथिली गजल एवं शेरो-शाइरीक उपर केंद्रित वेब पत्रिका अछि।[१] 2011मे अही पत्रिकाक नामपर आशीष अनचिन्हारक पोथी सेहो श्रुति प्रकाशनसँ प्रकाशित भेलै।

अनचिन्हार आखरक इतिहास

11/4/2008केँ “अनचिन्हार आखर” नामक ब्लाग इंटरनेटपर आएल। अनचिन्हार आखर केर छोटका नाम " अ-आ " राखल गेल अछि। ई ब्लाग आशीष अनचिन्हार द्वारा शुरू कएल गेल छल आ समय-समयपर आन-आन गजलकार सभकेँ जोड़ल गेल। वर्तमानमे ई ब्लाग आशीष अनचिन्हारगजेन्द्र ठाकुर द्वारा संपादित भऽ रहल अछि।एहि ब्लागपर खाली गजल, शेरो-शाइरी ओ एहीसँ संबंधित रचना देल जाइत अछि। इंटरनेटक संसारमे मैथिली गजलकेँ स्थापित आ ओहिसँ बाहर लोकप्रिय करबाक श्रेय अनचिन्हारे आखरकेँ छै। इंटरनेटक संसारमे अनचिन्हार आखरक अलग ओ बेछप स्थान छै।

अनचिन्हार आखरक उद्देश्य

एहि ब्लागक मुख्य उद्देश्य गजलकेँ लोकप्रिय बनाएब, गजलक मानकीकरण आ ओकर व्याकरण बनाएब अछि। संगहि-संग ई ब्लाग गजलक आडिओ-विडिओ, कैसेट आ सीडीक निर्माणमे अपन सहभागिता सेहो राखत। तकरा पछाति एहि ब्लागक मुख्य ध्येय मायानंद मिश्रक ओहि कथन के खंडन करब रहत जाहिमे ओ कहने छथि जे मैथिली मे गजल लिखले नहि जा सकैए (ई उद्येश्य तहिया छल जहिया ऐ ब्लागक निर्माण भेल छल आब ई उद्येश्य पूरा भऽ गेल ( सी.डी आ वीडियो बला छोड़ि कऽ)। वर्तमान समय मने 2014सँ आब एकर उद्येश्य सी.डी आ वीडियो संग ईहो रहत जे मैथिलीमे कोना एक समयमे 75-100 टा गजलकार रचनारत रहथि। [२]

अनचिन्हार आखरक प्रकाशन

वर्तमान समयमे अनचिन्हार आखरक प्रकाशन सहयोगी गणक रचनापर आधारित अछि। सहयोगी बिना कोनो रोक-टोककेँ कोनो समय अपन रचना प्रकाशित कऽ सकै छथि। आ ओहि रचनापर आएल टिप्पणीकेँ आत्मसात कऽ सकै छथि। एहि ठाम अपन रचना प्रकाशित करबाक लेल कोनो संपादकीय रोक नै छै आ शायद एही कारणसँ अनचिन्हार आखर मैथिली साहित्यमे सभसँ बेसी आ उर्जावान रचनाकारकेँ देलक अछि।

अनचिन्हार आखरक काज

1) अ-आ प्रिंट वा इंटरनेटपर पहिल उपस्थिति अछि जे की मात्र आ मात्र मैथिली गजल एवं गजल अधारित विधापर केन्द्रित अछि।

2) अ-आ केर आग्रहपर श्री गजेन्द्र ठाकुर जी गजलशास्त्र लिखला जे की मैथिलीक पहिल गजलशास्त्र भेल।[३]

3) अ-आ द्वारा "गजल कमला-कोसी-बागमती-महानन्दा सम्मान" केर शुरूआत भेल। जे की स्वतन्त्र रूपें गजल विधा लेल पहिल सम्मान अछि। [४]

4)  अ-आ केर ई सौभाग्य छै जे ओ मैथिली बाल गजल नामक नव विधाकेँ जन्म देलक आ ओकर पोषण केलक। मैथिली भक्ति गजल सेहो अ-आ केर देन अछि। विदेहक अङ्क 111 पूर्ण रूपेण बाल-गजल विशेषांक अछि आ अङ्क 126 भक्ति गजल विशेषांक। [५][६]

5) बर्ख 2008 आ 2015 माँझ करीब 30टासँ बेसी गजलकार मैथिली गजलमे एलाह। ई गजलकार सभ पहिनेसँ गजल नै लिखै छलाह। सङ्गे-सङ्ग करीब 5टा समीक्षक-आलोचक सेहो एलाह। [७]

6) पहिल बेर मैथिली गजलक क्षेत्रमे एकै बेर करीब 16-17 टा आलोचना लिखाएल। [८]

7) अ-आ मैथिली गजलकेँ विश्वविद्यालय ओ यू.पी.एस.सी एवं बी.पी.एस.सीमे स्थान दिएबाक अभियान चलौने अछि आ एकटा माडल सिलेबस सेहो बना क' प्रस्तुत केने अछि। [९]

8)  अ-आ प. जीवन झा जीक मृत्यु केर अंग्रेजी तारीख पता लगा ओकरा गजल दिवस मनेबाक अभियान चलौने अछि। [१०]

9) अ-आ 1905सँ ल' क' 2013 धरिक गजल सङ्ग्रहक सूची एकट्ठा ओ प्रकाशित केलक ( व्याकरणयुक्त एवं व्याकरणहीन दूनू )। [११]

10)  अ-आ अधिकांश गजलकारक ( व्याकरण युक्त एवं व्याकरणहीन दूनू ) संक्षिप्त परिचय प्रस्तुत केलक। [१२]

11) अ-आ 62 खण्डमे गजलक इस्कूल नामक श्रृखंला चलौलक जे की समान्य पाठकसँ ल' क' गजलकार धरि लेल समान रूपसँ उपयोगी अछि।[१३]

12)  अ-आ मैथिलीमे पहिल बेर आन-लाइन मोशयाराक आरम्भ केलक आ ई बेस लोकप्रिय भेल। [१४]

13) मैथिली गजल आ अन्य भारतीय भाषाक गजल बीच संबंध बनेबाक लेल "विश्व गजलकार परिचय शृखंला" शुरू कएल गेल। [१५]


अनचिन्हार आखरक एही काज सभकेँ देखैत मैथिली गजलक पहिल अरूजी गजेन्द्र ठाकुर 2008क बाद सँ लऽ कऽ वर्तमान कालखंडकेँ "अनचिन्हार युग" केर नाम देलाह।[१६][१७]

संदर्भ

  1. अनचिन्हार आखर
  2. http://anchinharakharkolkata.blogspot.com/p/blog-page_24.html
  3. https://anchinharakharkolkata.blogspot.in/p/blog-page.html
  4. https://anchinharakharkolkata.blogspot.in/p/blog-page_4.html
  5. https://anchinharakharkolkata.blogspot.in/2012/04/ashish-anchinhar-like-unfollow-post-27_08.html
  6. https://anchinharakharkolkata.blogspot.in/2017/07/blog-post_7.html
  7. मैथिली गजलक व्याकरण ओ इतिहास
  8. मैथिली गजल: आगमन ओ प्रस्थान बिंदु
  9. https://anchinharakharkolkata.blogspot.in/2012/11/blog-post_8.html
  10. https://anchinharakharkolkata.blogspot.in/2012/04/as-hish-anchinhar.html
  11. मैथिलीक प्रतिनिधि गजल
  12. https://anchinharakharkolkata.blogspot.in/p/blog-page_632.html
  13. https://anchinharakharkolkata.blogspot.in/p/blog-page_1080.html
  14. https://anchinharakharkolkata.blogspot.in/p/blog-page_13.html
  15. https://anchinharakharkolkata.blogspot.in/p/blog-page_21.html
  16. धांगि बाट बनेबाक दाम अगूबार पेने छँ
  17. https://anchinharakharkolkata.blogspot.in/2011/10/blog-post_6385.html
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